Halahal Full Movie Review in Hindi Language

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Introduction

Halahal Movie 2020 को Eros International पर 21 सितम्बर को प्रकाशित किया गया है। Halahal फिल्म के निर्देशक है Randeep Jha और फिल्म के निर्माता है Priyankka Bassi, Zeishan Quadri और Shalini Chaudhary. Halahal फिल्म में मुख्य नायक Barun Sobti, Anuradha Mukherjee और Sachin Khedekar है।

Story

Halahal फिल्म एक भारतीय हिंदी भाषा की रहस्य थ्रिलर फिल्म है Halahal फिल्म की कहानी एक कॉलेज की लड़की की है जिसकी हत्या हो जाती है और उस हत्या को कैसे आत्महत्या में बदल दिया जाता है। जिसके बाद मरी हुई लड़की का बाप डॉ शिव शंकर अपनी बेटी की हत्या की सच्चाई को जानने का परयास करता है।

Review

Halahal फिल्म की कहानी की शुरुआत में एक लड़की अर्चना (Enab Khizra) आशीष (Chetan Sharma) नाम के लड़के के पीछे भाग रही है जिसको कुछ गुंडे जान से मारना चाहते है क्योंकि आशीष के पास उनके खिलाफ कुछ सबूत होते है, आशीष के पीछे भागते भागते अर्चना की एक ट्रक के नीचे आने से मौत हो जाती है और आशीष बहुत डर जाता है और वहां से भाग जाता है। गुंडे अर्चना के शरीर को ऐसे ही रोड पर आग लगा कर जला देतें हैं इसलिए के किसी को मालूम न चले के लाश किसकी थी। दूसरे दिन जब पुलिस अर्चना के शरीर की जांच पड़ताल कर रही होती है तोह उनको एक आधा जला हुआ पहचान पत्र मिलता है, उसके बाद पुलिस वाले अर्चना के पिता डॉ शिव शंकर शर्मा (Sachin Khedekar) को पुलिस स्टेशन बुलातें है और बतातें है के आप की बेटी ने आतम हत्या कर ली है, लेकिन डॉ शिव शंकर इस बात को नहीं मानते क्योंकि अगर अर्चना को आतम हत्या ही करनी थी तोह वो अपने हॉस्टल में करती ना के हॉस्टल से पांच किलो मीटर दूर जा के।

Halahal फिल्म में दूसरे और अर्चना के कॉलेज में अर्चना के मरने के बाद उसको श्रदांजलि दी जाती है और उसके बाद डॉ शिव शंकर देखतें हैं के एक लड़की पूजा (Sanaya Bansal) अर्चना की फोटो पर थूंक कर जा रही होती है, डॉ शिव शंकर उसका पीछा करते हैं और पूजा डॉ शिव को बताती हैं के अर्चना की वजह से मेरे बॉयफ्रेंड आशीष ने मुझे छोड़ दिया था और अर्चना से प्यार करने लगा था। अर्चना के मरने के बाद आशीष भी उसी दिन से कहीं गुम हैं उसको भी पुलिस वाले ढूंड रहे हैं। डॉ शिव वापिस पुलिस वालों के पास जाता हैं और उनको आशीष को ढूंढने को कहतें हैं लेकिन पुलिस वाले डॉ शिव की एक नहीं सुनतें। जे सब बातें सुन कर एक पुलिस वाला डॉ शिव की मदद करता हैं और उनको एक भ्रष्ट पुलिस वाले युसूफ क़ुरैश (Barun Sobti) के पास लेजाता हैं और डॉ शिव अपनी सारी कहानी युसूफ को बताता हैं। कुछ पैसो के लिए युसूफ डॉ शिव की मदद करने के लिए मान जाता हैं।

जब डॉ शिव अपनी बेटी के बारे में सबूत इक्कठे करने लगते हैं तोह कुछ गुंडे डॉ शिव पर हमला कर देतें हैं जख्मी होने की वजह से डॉ शिव हस्पताल पहुँच जातें हैं। डॉ शिव को हस्पताल में एक नर्स बताती है के जब अर्चना के शरीर को हस्पताल लाया गया था उस समय मैं वहां पर ही थी और मैंने उनकी सारी बातें सुन ली थी वो सभी किसी पेन ड्राइव की बात कर रहे थे और वो पेन ड्राइव आशीष के पास है, वो सभी किसी भाई साहेब (Manu Rishi Chadha) को बताने की बात कर रहे थे।

अगले दिन डॉ शिव को एक मेल आता है जिसमे उन सब छात्रों के नाम होतें हैं जो एक्सीडेंट में मारे गए थे और जे सब पढ़ाई में नंबर 1 थे, ये मेल डॉ शिव को आशीष भेजता है। आशीष मेडिकल की तयारी करने के लिए पहले चंडीगढ़ में रहता था लेकिन उस काण्ड के कारण पुलिस ने उनके घर के इतने चक्कर मारे के उसकी माँ अब चंडीगढ़ को शोड कर बठिंडे शिफ्ट हो गई है और बाप उसका उसके पैदा होने से पहले ही मर गया था। युसूफ क़ुरैश और डॉ शिव आशीष के बारे में पता करने उसकी माँ के पास जातें हैं लेकिन आशीष की माँ उनको उसका पता बताने से मना कर देती है। फिर शिव और युसूफ कुछ दिन आशीष की माँ का पीछा करते है छुप्प कर और कुछ दिन बाद उनको पता चल जाता है के आशीष कहाँ पर छुपा है, जैसे ही आशीष के होटल के कमरे में जातें है उसी समय आशीष खिड़की से कूद कर भागने लगता है और जैसे ही युसूफ आशीष को पकड़ता है उसी समय पंजाब पुलिस आ के आशीष को ले जाती है और रस्ते में जाते हुए आशीष मर जाता है कियों के उसे अस्थमा की बिमारी होती है।

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UP पुलिस युसूफ को निलंबित कर देती हैं पुलिस की नौकरी से। युसूफ को भाई साहेब का ख़ास आदमी बताता है के इस देश में जब भी कोई बच्चा पैदा होता है तोह उसके माँ बाप उसको डॉक्टर या इंजीनियर ही बनाना चाहते हैं और हजारो बच्चे परीक्षा में बैठते हैं लेकिन सब मेरिट में सीट नहीं निकाल पाते और जो सीट नहीं निकाल पाते मेरिट में उनके लिए पैसा मेरिट बनाता है कियों के पैसे की जड़ कोचिंग सेण्टर, कॉलेजेस और सरकार के अंदर तक फैली हुई है और ये बहुत बड़ी दूकान है पैसा कमाने के लिए। MMBS की एक सीट तकरीबन चार करोड़ की बिकती है और कुल 447 सीट्स है इस देश में। अगले दिन डॉ शिव अपनी बेटी और वीबी के पास जाने लगता है के उनको एक और मेल आ जाती है जिसमे उन सभी शात्रो की जानकारी होती है जो एक्सीडेंट में मारे गए होतें है। डॉ शिव शात्रो की जानकारी प्रिंट कर लेतें है और डॉ आचार्य को जा के देतें है और उन पर मुकदमा चलाने की दमकी देतें है, डॉ आचार्य का प्रोफेसर मनीष डॉ शिव को बताता है के मैं आपको पता करवा सकता हूँ के ये मेल आपको कोण भेज रहा है और वो मेल्स आशीष नहीं बल्के संचार मंत्रालय भारत सरकार से निशांत वर्मा (Hurmat Ali Khan) द्वारा भेजी जा रही थी। डॉ शिव अपने साथ युसूफ को लेकर जातें है उस निशांत का पता लगाने के लिए तोह निशांत उनको बताता है के इस मेल का पता यहाँ का है लेकिन ये मेल भेजा कहीं और से गया है

कुछ समय बाद डॉ शिव को फिर एक मेल आता है जट्ट पावर द्वारा और उसी समय उनके सामने एक गाडी खड़ी होती है जिसके पीछे जट्ट पावर लिखा होता है और वो उस गाडी का पीछा करने लगते है। गाडी वाला उनको सिनेमा की टिकट भेजता है और बोलता है के आप वहां पर जा के बैठ जाओ मैं वही आकर आप को मिलता हूँ। वो गाडी वाला उनकी सीट के पीछे बैठ के उनको बोलता है के अगर आपको वो लिस्ट चाहिए तोह आपको मुझे पचास लाख रुपये देनें होंगे और इतनी बात कह के वो चला जाता है। डॉ शिव उस लिस्ट को पाने के लिए अपना क्लिनिक बेच देतें है। डॉ शिव और युसूफ वो पैसे देनें के लिए वहां जातें है वहां पर मनीष और आईटी वाला निशांत आतें है और डॉ शिव और युसूफ से पैसे ले कर उनको मारने को बोल देतें है और उनको बतातें है के आशीष तोह सिर्फ एक पियादा था भाई साहेब और डॉ आचार्य से पैसे निकलवाने के लिए, पेन ड्राइव तोह कोई है ही नहीं थी वो तोह सिर्फ एक चाल थी पैसा निकलवाने की। लेकिन डॉ शिव और युसूफ वहां से किसी तरह बच के भागने में कामयाब हो जातें हैं। निशांत और मनीष का रस्ते में जातें हुए एक्सीडेंट करवा के मरवा दिया जाता है।

निशांत के मरणे के बाद निशांत की गर्लफ्रेंड नन्दिन (Anuradha Mukherjee) डॉ शिव को सब बता देती है के निशांत और मनीष को किसने मरवाया था और वो पिन ड्राइव भी डॉ शिव को दे देती है जिसमे वो सारी जानकारी होती है उस घोटाले की। डॉ शिव किसी तरह से बाई साहेब से मिलता है और उनको धमकी देता है के उस लिस्ट में सबसे ऊपर नाम आप का है और वो लिस्ट कल मैं पुरे मीडिया के सामने लाने वाला हूँ। दूसरे दिन कुछ गुंडे निशांत की गर्लफ्रेंड नन्दिन के पीछे पड़ जातें है उसको जान से मरणे के लिए और नन्दिन डॉ शिव को बताती है, फिर युसूफ उसको किसी तरह से बचा कर कहीं पर छुपा देता है। दूसरी और डॉ शिव जब वो जानकारी मीडिया को देनें के लिए जातें है तोह रास्ते में उनको बाई साहेब के गुंडे पकड़ कर बाई साहेब के पास ले जातें है।

युसूफ जब लड़की को छुपा के घर आता है तोह वहां पर उसे डॉ आचार्य मिलतें है पुलिस के साथ और युसूफ को कुछ सुनाते और दिखाते हैं। उसमे डॉ शिव को बताया गया था के उसकी बेटी अर्चना जूनियर लड़कों को अपने प्यार में फसाती थी तां के वो फेल हो जाएँ और अगले साल वो मॅनॅग्मेंट सीट खरीद ले, पर आशीष ने उस सीट का पैसा नशे में खरच कर दिया और जब आशीष को पैसों की जरूरत पड़ी तोह वो निशांत और मनीष के साथ मिल के सभी हम को ही ब्लैकमेल करने लगे। आशीष का राज़ सबसे पहले अर्चना को पता चला और उसने सबसे पहले हमें बताया और हमने आशीष को समझाने के लिए अर्चना को भेजा और हमारे आदमियों को ट्रक लेकर चढ़ना था आशीष पर और गलती से अर्चना पर चढ़ गए। हमारे आदमियों ने जल्दबाज़ी में आपकी बेटी को जला दिया और ये जो लिस्ट आप मीडिया को देनें जा रहे हो उस लिस्ट में आपकी बेटी का नाम भी है। डॉ आचार्य और बाई साहेब एक प्रस्ताव देतें है डॉ शिव को के जो काम आपकी बेटी करती थी पहले हमारे लिए अभ वो सब आप करो हम आपको दस % देंगे एक शात्र का और डॉ शिव मान जातें है। डॉ आचार्य फिर युसूफ को निशांत की गर्लफ्रेंड नन्दिन की लाश दिखाते है और बतातें है के अगर तुम चुप्प नहीं रहते तोह हमारे पास दूसरा तरीका भी है तुमको चुप्प करवाने का और फिर क्या डॉ शिव और युसूफ दोनों को पीछे हटना पड़ता। ये थी Halahal फिल्म की कहानी आप मुझे कमेंट कर के बता सकते हो के आप को Halahal फिल्म की समीक्षा कैसी लगी।

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